अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की सोमवार को यहां हुई बैठक में राज्य की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की गई। बैठक में पार्टी ने राज्य व्यापी परिवर्तन जन संवाद यात्रा प्रारंभ करने का निर्णय लिया।
वक्ताओं ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, पलायन तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों पर गंभीर चिंता जताई। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी ठोस नीतियां बनाई जानी चाहिए जिससे भविष्य में अंकिता भंडारी जैसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पार्टी ने निर्णय लिया कि जिले में परिवर्तन संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसके तहत जनसंवाद, गोष्ठियां और जनसंपर्क बैठकें आयोजित कर आम नागरिकों के बीच पहुंचा जाएगा। परिवर्तन जन संवाद यात्रा शीघ्र ही अल्मोड़ा जिले से प्रारंभ की जाएगी।
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की मूल अवधारणा को साकार करने के लिए बीते 25 सालों में राज्य को दुर्दशा की ओर धकेलने वाली अवसरवादी शक्तियों को परास्त करना आवश्यक है। जल, जंगल, जमीन और रोजगार पर स्थानीय जनता के अधिकार सुनिश्चित करने तथा हर प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता व न्याय स्थापित करने के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष तेज करना होगा। वहां पार्टी के महासचिव नारायण राम, मो. शाकिब, जीवन चंद्र, भारती, किरन, गोपाल, वंदना कोहली, भारती पांडे, राजू गिरी आदि मौजूद रहे।