उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बंदोबस्ती कर चकबंदी लागू करने की मांग की है। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश में जमीनों की खरीद फरोख्त पर रोक लगनी चाहिए। उद्योगाें के नाम पर कांग्रेस, भाजपा ने प्रदेश में जमीनों की बंदरबांट के रास्ते खोले हैं।
सोमवार को कुमाऊं मंडल विकास निगम में मीडिया से मुखातिब तिवारी ने कहा कि कश्मीर में धारा 370, हिमाचल प्रदेश में राजस्व अधिनियम 118 और पूर्वी राज्यों में धारा 371 के तहत जमीन की खरीद फरोख्त नहीं हो सकती। उत्तराखंड में यहां की सरकार ने जमीनों की लूट के दरवाजे खोल दिए हैं। औद्योगिक विकास की आड़ में 12.5 एकड़ कृषि भूमि की खरीद, 143 की बाध्यता समाप्त कर दी है इससे बाहरी पूंजीपतियों का प्रभाव बढ़ेगा। पहाड़ में आवारा, जंगली जानवरों ने खेती चौपट कर दी है। उद्योगों के नाम पर जमीनों की बंदरबांट से बची हुई खेती भी खत्म हो जाएगी। तिवारी ने गंगा की स्वच्छता, निर्मलता, अविरलता के लिए गंगा कानून बनाने की मांग की और मातृ सदन के साधुओं को बचाने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि नशा नहीं रोजगार दो के 35 साल पूरे होने पर चौखुटिया में 1-2 फरवरी को आयोजन किये जाएंगे। वहां पर रमेश पांडे कृषक, हरीश डालाकोटी, भवानीराम आगरी आदि थे।