बेस्यूनाराकोट जंगल में धधकी आग की चपेट में आने से एक नेपाली मूल के श्रमिक की मौत हो गई। तीन अन्य श्रमिक झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में दो महिला हैं। तीनों घायलों को उपचार के लिए बेस अस्पताल लाया गया। जहां उनकी गंभीर हालत देखते हुए उन्हें हायर सेंटर को रेफर कर दिया है।
बृहस्पतिवार की शाम करीब साढ़े चार बजे वन विभाग के अधिकारियों को किसी ने सूचना दी कि सोमेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेस्यूनाराकोट के जंगल में आग भड़की है। हवा चलने से आग तेजी से फैल रही है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जंगल में दीपक, शीला, पूजा और ज्ञान लीसा दोहन का काम कर रहे थे। हवा चली तो आग तेजी से सुलग गई और देखते ही देखते श्रमिकों की तरफ बढ़ने लगी। दोहन किए लीसे को आग से बचाने के प्रयास में श्रमिक आग की चपेट में आ गए। मौत को सामने देख उनके होश उड़ गए।
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श्रमिकों ने शोर मचा दिया और मदद की गुहार लगाई। उनके चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आग से घिरे श्रमिकों को बाहर निकाला लेकिन जब तक दीपक पुजारा की मौत हो चुकी थी। आग से झुलसी शीला, पूजा और ज्ञान बहादुर को स्थानीय लोगों ने पिकअप वाहन की मदद से मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल भेजा। तीनों की हालत गंभीर बनी है। चिकित्सकों ने घायलों की हालत देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
वनाग्नि से जले तीन श्रमिकों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के अधीन बेस अस्पताल में लाया गया था। तीनों श्रमिकों की हालत गंभीर थी। जिन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया है।
-प्रो. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा