अल्मोड़ा। शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से राजकीय नर्सिंग कॉलेज अल्मोड़ा में आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी विषय पर कार्यशाला हुई। मुख्य वक्ता प्रीति भाटिया ने बताया कि गर्भ के प्रथम तीन माह अत्यंत महत्वपूर्ण होते है जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाओं का तेजी से अभिवर्धन (विकसित) रूप में लाना होता है।
पूर्व निदेशक डाॅ. सीपी त्रिपाठी ने बताया कि अनचाहे गर्भ से उत्पन्न शिशु में विभिन्न तरह के मानसिक विकारों के उद्भव का खतरा बना रहता है। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुमन लता पाठक ने ऐसी स्थितियों से बचने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बच्चों को जन्म, गर्भ संवाद, गर्भवती और उसके परिवार की जीवन शैली के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितेश कुमार, एमडी आयुर्वेद डॉ. अजीत तिवारी, डॉ. हेमंत तिवारी, विकास कुमार, रंजीत, जीवन त्रिपाठी, डीके उपाध्याय, माया भंडारी, किरण, प्रभात सिंह आदि मौजूद रहे।