खेतों में बर्बाद हुई गेहूं की फसल
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अल्मोड़ा में ओलावृष्टि और बेमौसम हुई बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। ओले और बारिश से रबी सीजन की कटने को तैयार गेहूं फसल खेतों में ही बिछ गई है। ओले की मार से गेहूं की बाली से दाने गिर गए हैं तो सरसों फलियों से बाहर निकल गई। मसूर, सरसों की फसल सहित सब्जियों की पौध और तनों को भी नुकसान पहुंचा है। इससे उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है।
बीते बुधवार को आंधी के साथ बारिश हुई और ओले गिरे। इससे रबी सीजन में बोई गई गेहूं, मसूर, सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसल कटने के करीब थी। इससे किसान बेहद खुश नजर आ रहा था। ओलावृष्टि से गेहूं की बाली को भारी नुकसान पहुंचा है। गेहूं की बाली से दाने गिर गए हैं तो सरसों फलियों से बाहर निकल गई। मसूर समेत अन्य फसलों के तने को भी नुकसान पहुंचा है। लौकी, तुरई, मटर, फ्रेंच बीन समेत अन्य सब्जियों के तने नष्ट हो गए हैं। आम, सेब, खुमानी आदि फल प्रजाति के पौधों में आ रहा बौर क्षतिग्रस्त हो गया है। किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि रबी सीजन की फसल को लेकर कई उम्मीदें थीं लेकिन एक झटके की बारिश ने किसानों के अरमान तोड़ दिए। बारिश से फसल उत्पादन प्रभावित रहेगा। इससे नुकसान झेलना पड़ेगा।
स्याल्दे और सोमेश्वर में भी किसानों की टूटी कमर
स्याल्दे में भी खुमानी, आडू, सेब के पेडों में आए बौर झड़ गया है। गेहूं की कटने को तैयार फसल खेतों में ही बिछ गई है। सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। सोमेश्वर तहसील क्षेत्र में भी फसलों के लिए बारिश और ओले आफत बने। गेहूं, मसूर की फसलों को नुकसान पहुंचा है। लौकी, तुरई, बैगन, भिंडी समेत अन्य सब्जियों की तने टूट गई हैं।
बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के आकलन को सर्वे किया जा रहा है। रबी सीजन के लिए बारिश नुकसान दायक है। हालांकि आने वाले खरीफ सीजन में बोई जाने वाली मडुआ, मादिरा, अरहर, गहत, मक्का आदि फसलों के लिए भारी फायदेमंद रहेगी। -विनोद कुमार शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी अल्मोड़ा।