अल्मोड़ा की बडन मेमोरियल चर्च।
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शहर के बीचों बीच स्थित 120 साल पुराना बडन मेमोरियल चर्च आज भी शान से खड़ा नई पीढ़ी को अपनी वास्तुकला के बेजोड़ नमूने का दर्शन करा रहा है। यह वही चर्च है जिसे उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम दशक में रेवरन जेएच बडन की याद में बनाया गया। रोमन इंग्लिश शैली में बना यह चर्च वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। क्रिसमस के पर्व के लिए तैयार इस चर्च में इन दिनों फिर से चहल-पहल शुरू हो गई है। इस चर्च से शहर का एक हिस्सा पूरा दिखाई देता है।
ब्रिटिश काल में बने बडन मेमोरियल चर्च का निर्माण अल्मोड़ा मिशन के पादरी रहे रेवरन जेएच बडन की याद में उनके परिवारजनों ने 19वीं शताब्दी में कराया था। ऐतिहासिक और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध यह चर्च पर्यटकों के आकर्षण का भी केंद्र रहा है। चर्च की लंबाई 40 मीटर और ऊंचाई 30 मीटर है। चर्च परिसर के अंदर प्रार्थना सभा के लिए काफी बड़ा हॉल है जिसमें कई सौ आदमी एक साथ खड़े होकर प्रार्थना सभा में भाग ले सकते हैं। वहीं चर्च परिसर के बाहर खुला मैदान भी है जहां लगे बैंच या खुले मैदान में पर्यटक आसपास के नजारों का दर्शन करने पहुंचते हैं। यही नहीं शहर के मध्य स्थित होने के कारण यहां से अल्मोड़ा शहर के एक हिस्से का अद्भुत नजारा भी देखने को मिलता है।
इन दिनों शुक्रवार और रविवार को होने वाली प्रार्थना सभा में यहां काफी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग प्रार्थना के लिए पहुंच रहे हैं। क्रिसमस पर्व के दिन सर्वधर्म समभाव का नजारा यहां देखने को मिलता है, जब सभी धर्मों के लोग यहां आकर ईसाई समुदाय को क्रिसमस की बधाई देने पहुंचते हैं।