अल्मोड़ा। गर्भवतियों को अब अल्ट्रासाउंड के लिए अधिक संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। एक जुलाई से उन्हें जिला महिला अस्पताल में ही नियमित अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी। निर्माण कार्य के चलते यहां लंबे समय से अल्ट्रासाउंड बंद है। ऐसे में गर्भवतियां कभी जिला अस्पताल तो कभी बेस अस्पताल की दौड़ लगाने की मजबूर हैं।
जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट पर जिले के मरीजों और गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी है। वहीं महिला अस्पताल में लंबे समय से गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। इस कारण एक रेडियोलॉजिस्ट पर अतिरिक्त भार बढ़ गया है। भीड अधिक होने से घंटों इंतजार के बाद भी कई गर्भवतियों को बगैर अल्ट्रासाउंड के ही लौटना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड के लिए वे पांच किमी दूर बेस अस्पताल की दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
अब राहत भरी खबर है कि एक जुलाई से जिला अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट सेवाएं देंगे। एक जिला अस्पताल और एक नियमित रूप से महिला अस्पताल में गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड करेंगे। इससे गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए भटकाना नहीं पड़ेगा।
रानीखेत में अटैच थे रेडियोलॉजिस्ट
जिला अस्पताल में तैनात दूसरे रेडियोलॉजिस्ट को रानीखेत अस्पताल अटैच किया गया था। अब उनका अटैचमेंट खत्म कर दिया गया है। अब जिला अस्पताल में दो रेडियोलोजिस्ट अपनी सेवाएं देंगे। इससे अस्पताल पहुंचने वाले सभी मरीजों और गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी।
कोट
- जिला अस्पताल के साथ ही महिला अस्पताल में एक जुलाई से मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी। गर्भवतियों को समय पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिले इसके लिए महिला अस्पताल में भी नियमित रूप से उनके अल्ट्रासाउंड किए जाएंगे। - एचसी गड़कोटी, पीएमएस, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।