अल्मोड़ा। दुग्ध संघ में कर्मचारी और अध्यक्ष आमने सामने आ गए हैं। दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ पातालदेवी के अध्यक्ष गिरीश चंद्र खोलिया ने आरोप लगाया कि कुछ कार्मिक संस्था को अस्थिर करने की साजिश रच रहे हैंं। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर ऐसे कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं कार्मिकों ने संघ के अध्यक्ष पर भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया है।
संघ के अध्यक्ष खोलिया ने कहा कि उनके कार्यकाल में अब तक संस्था 43.70 लाख लाभ पर रही। दुग्ध उत्पादकों का चार से पांच रुपये प्रति लीटर दूध का दाम बढ़ाया गया। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रबंध कमेटी में प्रस्ताव पारित किया गया। जिसके बाद किसानों के गोबर से बने कंडों को संस्था के बायलर में उपयोग में लाया जा रहा है। संस्थान की उन्नति और उनकी बढ़ती लोकप्रियता संस्था के कुछ कर्मचारियों को रास नहीं आ रही है। इन कार्मिकों को संबंधित पटल के कार्य ईमानदारी पूर्वक करने के लिए कहने पर वह छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कार्मिकों के खिलाफ कर्मचारी सेवा नियमावली का उल्लंघन करने पर सख्त विभागीय कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बीते साल हुई प्रबंध कमेटी की बैठक में प्रस्ताव 9 (10) के तहत जिन कार्मिकों को आरोप पत्र निर्गत किए गए थे उनके खिलाफ कार्रवाई कर सीआरएस देने की संस्तुति की जाए। उन्होंने प्रधान प्रबंधक को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि कुछ पदाधिकारी दुग्ध समिति में उत्पादकों की समस्याओं का समाधान न कर समितियों में दुग्ध कलेक्शन के बाद समिति में पहुंच रहे हैं।
इधर कार्मिकों ने प्रधान प्रबंधक को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि दुग्ध संघ अध्यक्ष के चैंबर में बिना अनुमति के व्यक्तिगत व अन्य फाइल पहुंच रही है। इससे फाइलों में छेड़छाड़ की संभावना है। आरोप लगाया कि पद संभालते ही अध्यक्ष ने कई कर्मचारियों के स्थानांतरण करवा दिए। इससे संस्था का कार्य प्रभावित होने के साथ ही वित्तीय नुकसान हुआ। आरोप लगाया कि संस्था में अनुबंधित वाहन (पशु चिकित्सा) विवादित कार्य पर बाहर कर दिया था अब इस वाहन को पुन: पशु चिकित्सा कार्य के लिए लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर कार्मिकों पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई करने का दवाब बनाया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में राजेश कुमार टम्टा, एससी बेलवाल, केसी तिवारी, लाल सिंह रौतेला, शिवशंकर सिंह बोरा आदि शामिल हैं।