द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। ग्राम प्रधान संगठन, खीरोघाटी संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में धरना, प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि दो माह के भीतर स्थिति नहीं सुधरी तो बेमियादी धरना, प्रदर्शन किया जाएगा।
तहसीलदार लीना चंद्रा धामी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा कि, द्वाराहाट विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कफड़ा, मनेला, बिंता, बांसुलीसेरा, सुरईखेत, जालली, आयुर्वेदिक चिकित्सालय सिमलगांव, उत्तमसाणी की स्थिति खराब है। सभी अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बन चुके हैं। पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर न मिलने पर निजी अथवा अन्यत्र उपचार को जाने को मजबूर हैं। वर्षों से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। सरकार की लापरवाही के कारण मामूली बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को रानीखेत, हल्द्वानी, देहरादून, दिल्ली जाना पड़ रहा है। कहा कि सुधार न होने पर आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र अधिकारी, उक्रांद ब्लॉक अध्यक्ष आनंद सिंह बिष्ट, रिस्कन घाटी संघर्ष समिति अध्यक्ष हरवंश सिंह, खीरोघाटी संघर्ष समिति अध्यक्ष लक्ष्मण किरौला, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक तिवारी, नारायण रावत, जगदीश रौतेला, चंद्रशेखर जोशी, अर्जुन खंपा, गोविंद अधिकारी आदि थे।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर उक्रांद कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
अल्मोड़ा। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को चौघानपाटा में धरना दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की बिगड़ती हालत पर चिंता जताई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बजाय बदहाल हो गई है। यह भी राज्य के पलायन का एक मुख्य कारण है। सरकार पलायन आयोग बनाने जैसे खर्चीले कार्य तो कर रही है, लेकिन बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को नहीं सुधार रही है। ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में जनता को प्राथमिक चिकित्सा भी नहीं मिल पा रही है, वहीं जिला अस्पताल तक रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं। इलाज के नाम पर आयुष्मान योजना और पीपीपी मोड का झुनझुना थमाया जा रहा है। आरोप लगाया कि जनता के इलाज के नाम पर सरकारी धन की भारी लूटखसोट हो रही है। अस्पतालों में करोड़ों के उपकरण जंग खा रहे हैं। तकनीशियन बेरोजगार घूम रहे हैं। जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला संयोजक शिवराज बनौला, पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी, विधानसभा क्षेत्र प्रभारी भानुप्रकाश जोशी, गोपाल मेहता, गिरीश साह, दिनेश जोशी, गिरीश नाथ गोस्वामी, पूरन बिष्ट, मोहित साह, अर्जुन नैनवाल, मुमताज कश्मीरी, गोविंद राम, उदय महरा आदि ने धरना दिया।