चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना के लिए ताड़ीखेत ब्लाक की 24 ग्राम सभाओं के 23806 ग्रामीणों को अभी दो साल और इंतजार करना पड़ेगा। 20 करोड़ 40 लाख 11 हजार की से स्वीकृत इस योजना में तीन चरणों में कार्य होना है। 2017 तक योजना बनकर तैयार हो जाएगी। तिपौला नदी से योजना का निर्माण कार्य चल रहा है। योजना के लिए तीन पंप हाउस और प्रत्येक ग्राम सभा में टैंक भी बनाए जाने हैं।
मालूम हो कि ताड़ीखेत विकासखंड के अधिकांश गांव उम्रदराज ताड़ीखेत-गगास पेयजल योजना से जुड़े हैं। 1973 में बनी ताड़ीखेत योजना का पुनर्गठन नहीं हो पाने के कारण आए दिन पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ग्रामीणों को कई दिनों तक पानी के लिए परेशान रहना पड़ता है। गर्मियों में अधिकांश ग्रामीण पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह जाते हैं। 24 सितंबर 2012-13 में चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना को स्वीकृति मिली।
इसके लिए 20 करोड़, 40 लाख 11 हजार रुपए मंजूर हुए। अप्रैल 2013 में निर्माण कार्य शुरू हुआ। योजना में साढ़े 13 किमी की राइजिंग मेन लाइन बन रही है। तीन पंप हाउस और पांच वितरण टैंक बनने हैं। इसके अलावा प्रत्येक ग्राम सभा में भी टैंक बनने हैं। इस योजना से 24 ग्राम सभाओं की 23806 ग्रामीणों को लाभ मिलना है। तोकों को स्वैप मोड के तहत जोड़ा जाना है। अवर अभियंता पंकज कुमार ने बताया कि योजना का निर्माण कार्य चल रहा है। योजना तीन चरणों में बननी है। शासन से अब तक आठ करोड़ रूपया मिल चुका है। योजना को निर्धारित तिथि पूर्ण करने का प्रयास चल रहा है।
इन ग्राम सभाओं को मिलेगा लाभ:-
खिरखेत, गंगोड़ा, सौखोला, एरोड़, मंगचौड़ा, चिलियानौला, मौना, कपीना, पांडेकोटा, पिलखोली, जोग्याड़ी, जैनोली, तौड़ा, थकुलाड़ी, सिमोली, पथुली, जोग्याड़ी, जैंती, खड़खेत, झलोड़ी, अम्याड़ी, कारचुली, एरोली, पंतकोटली, भड़गांव, जोग्याड़ी, जैनोली, तौड़ा, थकुलाड़ी, गैरड़।