इस तरह से भरभराकर जमींदोज हुआ है दो मंजिला भवन।
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तहसील के सुदूरवर्ती जालली में बारिश के दौरान दो मंजिला जीर्ण भवन भरभराकर गिर गया। घटना के वक्त भवन स्वामी की बालिका कमरे में सोई थी, वह बाल-बाल बच गई। जबकि अन्य परिजन उस वक्त बाहर कार्य करने गए थे। भवन टूटने से परिवार के मुखिया के सम्मुख बच्चों के भरण-पोषण और ठिकाने की मार पड़ गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
बताया गया है कि एक जुलाई को क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान जालली निवासी पूरन सिंह रावत का दो मंजिला भवन भरभराकर गिर गया। दोपहर एक बजे पूरन सिंह की बालिका कंचना रावत कमरे में सोई थी, अन्य कोई सदस्य भीतर नहीं था, बालिका भवन गिरने की आवाज सुनकर बाहर भाग आई, वह घटना में बाल-बाल बच गई। हालांकि भवन पहले से ही जीर्ण-शीर्ण हालत में था, पूरन सिंह मजदूरी कर बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था, पूरन की पत्नी विकलांग है, जबकि दो बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
अब भवन टूटने से पूरन सिंह के सम्मुख सिर छिपाने और बच्चों के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। इधर घटना के बाद राजस्व उपनिरीक्षक मोहन राम ने मौके मुआयना कर लिया है। ईड़ा की प्रधान नीमा देवी, जिला पंचायत सदस्य नीरज कुमार सहित तमाम जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।