अनशन पर बैठे आल्पस कर्मियों को ले जाती पुलिस और प्रशासन की टीम।
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छह माह का वेतन देने, बंद पड़ी कंपनी को दोबारा संचालित करने, फैक्ट्री प्रबंधक और कंपनी के डायरेक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पांच दिन से आमरण अनशन पर बैठे दो आल्पस कर्मियों को पुलिस और प्रशासन की टीम उठाकर ले गई। इन दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। इधर अनशन स्थल पर दो अन्य आल्पस कर्मियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर गांधी पार्क में आल्पस कर्मियों का आमरण अनशन नौवें दिन भी जारी रहा। इसके अंतर्गत रविवार को सुबह पुलिस और प्रशासन की टीम ने पांच दिन से आमरण अनशन पर बैठे बलवंत बिष्ट और महेंद्र बिष्ट को अनशन स्थल से उठाकर ले गई। इस दौरान कर्मचारियों ने श्रमिकों को जबरन अनशन से उठाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इन दोनों कर्मचारियों को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। इन दोनों को अनशन से उठाने के बाद आल्पस कर्मचारी हेमचंद्र गुरुरानी और देवकी नंदन पांडे ने मोर्चा संभालते हुए आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
धरना स्थल पर आयोजित सभा में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एक ओर कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है तो दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन उनके आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रशासन के इस कदम का पुरजोर विरोध करते हुए मांगें पूरी होने तक आमरण अनशन जारी रखने का एलान किया। धरने में विनोद पाटनी, अशोक साह, माया पुनेठा, गीता बिष्ट, देवेंद्र किरोला, कुंदन भोज, नीमा रौतेला के अलावा अन्य संगठनों के राजू गिरी, कौस्तुबानंद तिवारी, मनोज सनवाल, त्रिलोचन जोशी, किरन साह आदि भी मौजूद रहे।