अल्मोड़ा। चीन सीमा पर पैनी नजर रखने और सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आईटीबीपी मिलम और लिपुलेख क्षेत्र में दो नई चौकियां खोलने जा रही है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
धारचूला से लिपुलेख और मुनस्यारी के धापा बैंड से मिलम के लिए सड़क बनने के बाद दोनों क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या पिछले दो सालों में चार गुना से अधिक बढ़ी है। ऐसे में सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रहे, आईटीबीपी ने धारचूला के लिपुलेख और मुनस्यारी के मिलम क्षेत्र में नई चौकियां खोलने का निर्णय लिया है।
चीन से विवाद के बाद पांच साल से बंद चल रही कैलाश मानसरोवर यात्रा भी इस वर्ष फिर शुरू होने वाली है। आदि कैलाश, ओम पर्वत, कालापानी के साथ नंदा देवी बेस कैंप के लिए बड़ी संख्या में इन दिनों पर्यटक जा रहे हैं। सीमांत गांवों में पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष अधिक चहल-पहल है। आईटीबीपी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नई चौकियों को खोलने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करना है। संवाद
कोसी में खुला है आईटीबीपी का सेक्टर मुख्यालय
चीन सीमा पर विशेष निगरानी के लिए अल्मोड़ा के कोसी में आईटीबीपी का सेक्टर मुख्यालय खोला गया है। इससे लोहाघाट और पिथौरागढ़ जिले में तैनात आईटीबीपी जवानों को जोड़ा गया है। यहां सेक्टर मुख्यालय खोलने का मुख्य कारण चीन सीमा पर पैनी नजर बनाए रखना है। संवाद
दुंग चौकी के लिए तेजी से हो रहा है सड़क का निर्माण
चीन सीमा से लगे मिलम क्षेत्र की आईटीबीपी की अंतिम चौकी दुंग तक सड़क बनाने का कार्य भी तेज गति से चल रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में नए हेलीपैड का निर्माण भी तेजी से हो रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भी जरूरत पड़ने पर खाद्य, रसद और अन्य समाग्री को समय पर चौकियों तक पहुंचाना है। संवाद