स्याल्दे (अल्मोड़ा)। ईकूखेत - भाकूड़ा सड़क की बदहाली से पांच हजार से अधिक की आबादी परेशान है। 23 किलोमीटर लंबी यह सड़क 15 से अधिक स्थानों पर बदहाल है। इन जगहों पर सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे बने हैं, जिससे हादसे होने का खतरा बना रहता है। इसके बाद भी सड़क को ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। लोगों ने शीघ्र सड़क को ठीक नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बारिश से कई स्थानों पर सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के बदहाल होने से भाकुड़ा, पिल्खी, सिरागांव, सेरा, केलानी, चनौली, देवलखेत, सिमलचौड़ा, जड़पानी, ईकूखेत सहित कई अन्य गांवों की पांच हजार से अधिक की आबादी को स्याल्दे बाजार और तहसील मुख्यालय पहुंचने में दिक्कत हो रही है। स्थानीय निवासी सुनील टम्टा, पूर्व बीडीसी सदस्य विजय उनियाल, मान सिंह, दिनेश सिंह, राजू चौधरी और चंद्र सिंह का कहना है कि लंबे समय से सड़क को ठीक करने की मांग की जा रही है, लेकिन सड़क को ठीक करने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
इस मानसून काल में हुई बारिश ने सड़क को और बदहाल कर दिया है। उन्होंने पीएमजीएसवाई से शीघ्र सड़क को ठीक करने की मांग की है।
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स्टीमेट बनकर तैयार पर बजट नहीं
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। पीएमजीएसवाई का कहना है कि सड़क को बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। सड़क को ठीक करने के लिए स्टीमेट बनकर तैयार है। ठीक करने के लिए बजट नहीं है। तैयार स्टीमेट में राजस्व उप निरीक्षक की रिपोर्ट भी लगनी है। रिपोर्ट लगने के बाद स्टीमेट को शासन को भेजा जाएगा। संवाद
कोट-
सड़क को ठीक करने के लिए जेसीबी मशीन को भेज दिया गया है। सड़क के सुधारीकरण के लिए स्टीमेट बन गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी सड़क को ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - प्रदीप नौटियाल, जेई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना स्याल्दे।