अल्मोड़ा। ऐतिहासिक अल्मोड़ा कारागार परिसर में अगस्त क्रांति दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई। लोगों से अपने कर्तव्यों का पालन करने का आह्वान किया।
शनिवार को जिला कारागार के नेहरू वार्ड में दीप जलाकर अगस्त क्रांति दिवस का शुभारंभ किया गया। इस दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू, बद्रीदत्त पांडे, हरगोविंद पंत, सैयद अली जहीर, खान अब्दुल गफ्फार खान, दुर्गा सिंह रावत समेत कई अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन की याद में यह अगस्त क्रांति दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है। देश की आजादी के लिए हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी के सम्मान को बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों को अपने अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। एसडीएम सदर संजय कुमार ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के लिए बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया है।
जेल अधीक्षक जयंत पांगती ने कहा कि आज परिस्थितियां पूर्व की अपेक्षा काफी बदल गई है। उन्होंने जेल के बारे में बताते हुए कहा कि यह बंदीगृह न होकर सुधार गृह है। यहां अपराधियों को स्व सुधार के लिए प्रेरित किया जाता है। इस मौके पर बार संघ अल्मोड़ा के अध्यक्ष महेश परिहार समेत कई लोग मौजूद थे। संचालन गिरीश मल्होत्रा ने किया।
निरुद्ध व्यक्तियों ने प्रस्तुत किए कार्यक्रम
ऐतिहासिक अल्मोड़ा कारागार में निरुद्ध व्यक्तियों ने भी सांस्कृतिक गीतों के माध्यम से समा बांध दिया । इस दौरान विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। वक्ताओं ने भारत छोड़ो आंदोलन के इतिहास, तत्कालीन परिस्थितियों आदि के बारे में अपने अपने विचार रखे तथा कहा कि अल्मोड़ा की जेल एक ऐतिहासिक जेल है। इस जेल से बहुत से वीर स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास जुड़ा हुआ है।