19 घंटे बाद सोमवार दोपहर आपूर्ति बहाल, बिजली लाइन ठीक करने गए कर्मियों के तेंदुए ने छुड़ाए पसीने
अल्मोड़ा। मौसम के बदले मिजाज ने जिले के लोगों की दिक्कत बढ़ाने का काम किया है। अंधड़ से पेड़ गिर गए और 32 केवीए की तीन लाइन टूटने से चार बिजली घर ठप हो गए। ऐसे में भिकियासैंण, सल्ट, स्याल्दे ब्लॉक के सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। लाइन ठीक करने गए यूपीसीएल कर्मियों के तेंदुए ने पसीने छुड़ाए। बारिश और ओलावृष्टि के साथ ही जंगल में तेंदुआ दिखने से कर्मियों को बैरंग लौटना पड़ा। इससे डेढ़ लाख से अधिक लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रविवार शाम करीब पांच बजे अंधड़ से भतरौंजखान, भिकियासैंण और ताड़ीखेत के जंगल में चीड़ के बड़े-बड़े पेड़ गिरने से भिकियासैंण, स्याल्दे, मछोड़ और सल्ट के बिजली घरों को आपूर्ति करने वाली 33 केवीए लाइन टूट गई। ऐसे में ये बिजली घर ठप हो गए और भिकियासैंण, स्याल्दे, सल्ट विकासखंड की बिजली गुल हो गई। सूचना के बाद यूपीसीएल की टीम मौके पर रवाना हुई। भारी बारिश और ओलावृष्टि के बीच देर रात तक यूपीसीएल के कर्मी लाइन ठीक करने में जुटे रहे। इसी बीच भतरौंजखान के जंगल में तेंदुआ कर्मियों के नजदीक पहुंच गया और उनमें अफरातफरी मच गई। तेंदुए के खौफ से टीम को बैरंग लौटना पड़ा। 19 घंटे बाद सोमवार दोपहर किसी तरह पेड़ हटाकर क्षतिग्रस्त लाइन ठीक की गई।
सल्ट में तीसरे दिन डेढ़ घंटे मिली बिजली, जलापूर्ति भी नहीं हो सकी सुचारू
अल्मोड़ा। सल्ट में शुक्रवार को पेड़ गिरने के बाद लाइन टूटने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद बीते रविवार देर शाम बिजली आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन डेढ़ घंटे बाद ही फिर से लाइन टूटने से आपूर्ति ठप हो गई। बिजली न होने से 110 से अधिक गांवों की प्यास बुझाने वाली शशिखाल-कोटेश्वर योजना से पानी लिफ्ट नहीं हो सका। ऐसे में क्षेत्र के लोग बीते चार दिनों से पानी के लिए तरस रहे हैं और उन्हें प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ रही है। संवाद
कोट- अंधड़ से पेड़ गिरने से एक साथ तीन लाइन टूट गईं। बारिश और ओलावृष्टि के बीच कर्मियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन रात अधिक होने और जंगल में तेंदुआ नजर आने से कर्मियों को वापस लौटना पड़ा। दूसरे दिन लाइन ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। -राजेश कुमार, ईई, यूपीसीएल, भिकियासैंण।