राज्य में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने कुमाऊं में स्थित सभी पर्यटक आवास गृहों(टीआरसी) के आसपास के एक-दो गांवों को होम स्टे योजना से जोड़ने का फैसला किया है। यह योजना इस माह से शुरू की जा रही है और गर्मियों के सीजन तक पूरे कुमाऊं में यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
पर्यटक आवास गृहों में आने वाले जो सैलानी होम स्टे करने के इच्छुक होंगे उन्हें इन गांवों में भेजा जाएगा। पर्यटक गांवों में रहकर स्थानीय व्यंजन का स्वाद लेंगे और संस्कृति से भी रूबरू होंगे। होम स्टे योजना से जुड़ने वाले वाले ग्रामीणों की भी आमदनी बढ़ेगी।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना को बढ़ावा देने की नीति बनाई है। इसके तहत कुमाऊं मंडल विकास निगम के माध्यम से कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश के अलावा ग्लेशियरों तक जाने वाले मार्गों में होम स्टे योजना शुरू की गई है।
इन मार्गों में कई स्थानों पर होटल आदि उपलब्ध नहीं हैं। इसे देखते हुए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने ट्रैकिंग मार्गों में स्थित गांवों में रहने वाले कई लोगों को होम स्टे योजना से जोड़ लिया है।
कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने बताया कि यात्रा मार्गों में स्थित गांवों के कुछ लोगों ने अपने घरों में पर्यटकों और ट्रैकर्स को होम स्टे कराने के लिए व्यवस्थाएं कर ली हैं।
एमडी ने बताया कि अब निगम ने कुमाऊं में स्थित अपने हर एक पर्यटक आवास गृह के आसपास के एक-दो गांवों में भी होम स्टे योजना शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि पर्यटक आवास गृहों में आने वाले जो भी टूरिस्ट होम स्टे करना चाहेंगे उन्हें इन गांवों में होम स्टे योजना से जुड़े व्यक्ति के घर पर भेज दिया जाएगा।
पर्यटकों को गांव में घर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। होम स्टे से जुड़ने वाले स्थानीय ग्रामीण अपने घर पर वॉश रूम सहित साफ कक्ष तैयार कर रहे हैं।