रानीखेत (अल्मोड़ा)। उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में 16 साल पहले बना ट्रामा सेंटर आज तक चालू नहीं हो सका। करोड़ों की लागत से बना भवन अब अस्पताल स्टाफ के अस्थायी निवास और एक लैब के संचालन तक सिमट कर रह गया है।
वर्ष 2000 में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से ट्रामा सेंटर स्वीकृत हुआ था। 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भवन का लोकार्पण भी कर दिया लेकिन 16 साल बाद भी संचालन शुरू नहीं हो पाया।
रानीखेत क्षेत्र में गंभीर मरीजों को हल्द्वानी, बरेली या फिर बड़े शहरों को रेफर करना मजबूरी बन गया है।