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ट्रांसफर के बाद भी कब्जा

Wed, 23 Mar 2016 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। जिलाधिकारी सबिन बंसल ने राजकीय अस्पताल में संचालन प्रबंधन समिति की बैठक लेकर तमाम व्यवस्थाओं को जायजा लिया। अव्यवस्थाओं पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डीएम ने स्थानांतरण के बावजूद भी सरकारी आवासों को नहीं छोड़ रहे कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में निजी वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ पुलिस को सख्ती से चालान काटने के आदेश जारी किए।  बैठक में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए 1.48 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी पास किया गया। 
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राजकीय अस्पताल में जिलाधिकारी सबिन बंसल ने देर शाम प्रबंधन समिति की बैठक ली और तमाम व्यवस्थाओं को देखा। अस्पताल की सफाई सहित तमाम अन्य अव्यवस्थाओं पर वह भड़क उठे, उन्होंने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने को कहा। साथ ही बीते वित्तीय वर्ष के बजट की भी जानकारी हासिल की। अस्पताल प्रशासन ने बजट को हर हाल में मार्च 31 तक खर्च करने का आश्वासन दिया। लंबे समय से बंद पड़ी एक्सरे मशीनों को लेकर भी डीएम नाराज दिखे।

प्रबंध संचालन समिति और अस्पताल में नेता प्रतिपक्ष के प्रतिनिधि महेश जोशी ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में विचार रखे। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई डाक्टरों को यहां स्थानांतरित किया गया था, लेकिन कई डाक्टर ज्वाइनिंग करने के बावजूद आज तक नहीं आए हैं। वित्तीय प्रबंधन की भी उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जानकारी मांगी। कहा कि कई स्थानांतरित डाक्टरों ने अभी तक सरकारी आवासों पर कब्जा जमाया है।
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इस पर डीएम ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए, कहा कि जो कर्मचारी आवास पर कब्जा किए बैठे हैं, यदि वह आसानी से नहीं छोड़ते तो पुलिस उन्हें हटाए। अस्पताल परिसर को पार्किंग स्थल बनाए जाने पर भी डीएम नाराज दिखे। पुलिस से चालान काटने को कहा और अस्पताल प्रशासन से मुख्य गेट पर ताला लगाने को कहा। बैठक में प्रबंध समिति के दीपक पंत, एलएम चंद्रा,  संयुक्त मजिस्ट्रेट विनय कुमार, तहसीलदार दामोदर पांडे, अधीक्षक डा. डीएस नेई सहित तमाम लोग मौजूद थे।

रानीखेत। अस्पताल परिसर में निजी मेडिकल की दुकान का मामला भी डीएम के संज्ञान में लाया गया। अस्पताल प्रशासन ने मामला कोर्ट में विचाराधीन होने की बात कही। डीएम ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद अगली कार्रवाई होगी, फिलहाल दुकान का 10 फीसदी किराया बढ़ेगा।

रानीखेत। प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कहा कि अस्पताल में बेहोशी वाले डाक्टर नियमित रूप से नहीं बैठ रहे हैं। अधिकांश नर्सें भी ड्रेस नहीं पहनती, जिसके चलते उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। संचालन मंडल ने अस्पताल में संविदा पर कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मंजूरी भी दी। 
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