अल्मोड़ा। शहर के मार्गों में यातायात का दबाव कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने बहुत समय पहले क्वारब-कोसी, क्वारब-पेटशाल मार्ग बनाने की घोषणा की थी लेकिन 15.05 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद भी यह सड़कें नहीं बन सकी हैं। इस कारण अल्मोड़ा नगर में भी यातायात की अव्यवस्था बनी रहती है। यदि इन मार्गों का निर्माण हो जाता तो पिथौरागढ़, बेरीनाग, बागेश्वर आदि क्षेत्रों को जाने वाले वाहनों को अल्मोड़ा नहीं आना पड़ेगा।
अल्मोड़ा नगर की सड़कों से शहर में आने वाले वाहनों के अलावा बागेश्वर, कौसानी, बेड़ीनाग, पिथौरागढ़, थल, मुनस्यारी आदि क्षेत्रों को प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। शहर की सड़कों में यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। नगर के मार्गों में यातायात का दबाव कम करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने 2007 में 15 किमी लंबी क्वारब-कोसी बाइपास सड़क को स्वीकृत दी और 5.25 करोड़ रुपये भी मंजूर किए हैं।
इस सड़क के बनने से कौसानी, गरुड़, बागेश्वर, रानीखेत आदि क्षेत्रों को जाने वाले लोगों और पर्यटकों को करीब 10 किमी कम दूरी तय करनी पड़ेगी। इस सड़क को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है पर काम प्रारंभ नहीं हुआ है। दूसरी ओर वन भूमि की स्वीकृति नहीं मिलने से मुख्यमंत्री की घोषणा के छह वर्ष बाद भी 27 किमी लंबी प्रस्तावित क्वारब-पेटशाल बाइपास मार्ग भी अधर में है।
इस सड़क के लिए शासन से 9.80 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इस सड़क के नहीं बनने से सुयाल नदी से लगे कई गांव यातायात सुविधा से वंचित हैं। इधर प्रांतीय खंड के ईई चंदन सिंह नेगी ने बताया कि क्वारब-कोसी सड़क को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही मार्ग निर्माण का काम प्रारंभ होगा। जबकि क्वारब-पेटशाल मार्ग की वन भूमि पत्रवाली शासन को भेजी गई है।