अल्मोड़ा। पहाड़ के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। अल्मोड़ा जिले में बमुश्किल तैनात कुमाऊं के एकमात्र कार्डियोलॉजिस्ट का महज ढाई माह में नैनीताल के लिए स्थानांतरण कर दिया गया है जिससे अल्मोड़ा के साथ ही बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत के मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है। ऐसे में दिल के मरीजों के उपचार के लिए इन चारों जिले के किसी भी अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं मिल सकेंगे।
राज्य गठन के 22 साल बाद कुमाऊं के किसी भी जिले के सरकारी अस्पतालों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी। मार्च में रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई और अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत जिले के हृदय रोगी बेहतर उपचार की उम्मीद में यहां पहुंच रहे थे लेकिन महज ढाई माह बाद ही उनका स्थानांतरण नैनीताल के लिए कर दिया गया है। ऐसे में पहाड़ के तीनों जिलों में रहने वाले हृदय रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। अब उन्हें उपचार के लिए मैदानी क्षेत्रों के निजी अस्पतालों के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उच्च शिक्षा के बाद रानीखेत लौटे थे हृदय रोग विशेषज्ञ
अल्मोड़ा। पहाड़ के एकमात्र हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधांशु सिंह पहले अल्मोड़ा में ही तैनात थे। डिप्लोमा इन कार्डियो पूरा करने के बाद वे फिर से रानीखेत उप जिला अस्पताल लौटे लेकिन कुछ समय बाद भी शासन ने उनका स्थानांतरण अन्यत्र कर दिया जिसका आदेश स्वास्थ्य विभाग को मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल उन्हें रिलीव नहीं किया गया है लेकिन जल्द उन्हें रिलीव किया जाएगा। संवाद
जिले के एकमात्र हृदय रोग विशेषज्ञ के स्थानांतरण के आदेश जारी हुए हैं। उन्हें जल्द रिलीव किया जाएगा। - डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।