अल्मोड़ा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे के बीच जिले में बेटियों की अनदेखी हो रही है। जीजीआईसी भरसोली इसकी बानगीभर है। यहां 12 साल पूर्व इंटर में विज्ञान वर्ग को स्वीकृति को दे दी गई लेकिन बेटियों को विज्ञान का ज्ञान देने के लिए शिक्षक नहीं भेजे गए हैं। ऐसे में यहां विज्ञान की कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इस कारण विज्ञान पढ़ने की इच्छुक बेटियों को दूर के विद्यालयों में जाना पड़ रहा है।
स्याल्दे विकासखंड के जीजीआईसी भरसोली में वर्ष 2011 में इंटर विज्ञान वर्ग को स्वीकृति बमुश्किल मिली। इसके 12 साल बाद भी यहां जीवविज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान पढ़ाने के लिए विभाग शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इन हालात में विज्ञान वर्ग की कक्षा संचालित नहीं हो सकी है। शिक्षकों की कमी से विद्यालय में छात्र संख्या लगातार कम हो रही है। पिछले शिक्षा सत्र में विद्यालय में कुल 78 छात्राएं अध्ययनरत थीं लेकिन चालू शिक्षा सत्र में छात्र संख्या घट कर 55 रह गई है। इसकी बड़ी वजह शिक्षकों के पद खाली होना है।
जीजीआईसी भरसोली में विज्ञान के शिक्षक नहीं हैं। खाली पदों की सूचना शिक्षा निदेशालय को दी गई है। यहां वर्ष 2011 में इंटर विज्ञान वर्ग को स्वीकृति मिली थी। शिक्षकों की नियुक्ति होने पर इसका संचालन नहीं हो रहा है। - वंदना रौतेला, खंड शिक्षाधिकारी, स्याल्दे।