सेना और अर्द्ध सैनिकों बलों में भर्ती होने के इच्छुक पूर्व सैनिक और सैनिकों के आश्रितों को अब अल्मोड़ा में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण नहीं मिलेगा। कुमाऊं मंडल का एकमात्र जिले के हवालबाग में संचालित हो रहा भर्ती पूर्व प्रशिक्षण केंद्र अब गदरपुर शुगर मिल में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे पर्वतीय जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत के अभ्यर्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पर्वतीय जिलों में काफी संख्या में लोग सेना में कार्यरत हैं। यहां पूर्व सैनिकों की भी तादात अच्छी खासी है। इसको देखते हुए पूर्व में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के माध्यम से कुमाऊं मंडल का एकमात्र भर्ती पूर्व प्रशिक्षण केंद्र हवालबाग में प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के किराए के भवन में संचालित हो रहा था। इस केंद्र में पूर्व सैनिकों, सैनिकों, सैनिक विधवाओं के बच्चों को थल सेना, नौ सेना, वायु सेना के अलावा अर्द्ध सैनिक बलों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण दिया जाता था।
केंद्र में साल में करीब छह प्रशिक्षण शिविर 56-56 दिन के संचालित किए जाते थे। प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों के रहने और खाने की व्यवस्था निशुल्क होती थी। शिविर में अभ्यर्थियों को दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, बैलेंस बनाने आदि का कड़ा अभ्यास कराया जाता था। साथ ही शाम को विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती थीं। ताकि अभ्यर्थी चुस्त-दुरुस्त रहकर सेना में भर्ती हो सके।
सैनिक कल्याण निदेशालय ने भर्ती पूर्व प्रशिक्षण केंद्र को अब ऊधमसिंहनगर में गदपुर शुगर मिल में स्थानांतरित कर दिया है। इससे पर्वतीय जिलों के लोगों को काफी दिकक्तों का सामना करना पड़ेगा। इधर जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल आरपी जोशी ने बताया कि सैनिक कल्याण निदेशालय के निर्देश पर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण केंद्र गदरपुर स्थानांतरित हुआ है। गदरपुर में विभाग का अपना परिसर है।