ठेकेदारी प्रथा(आउटसोर्सिंग) के तहत बीएसएनएल के दूरभाष केंद्र में कार्यरत कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर टावर में चढ़ गया। पुलिस के लगातार अपील करने के बाद वह पौने घंटे बाद बमुश्किल नीचे उतरा। उसके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार इसी तहसील क्षेत्र के निकटवर्ती जौरासी निवासी नारायणसिंह रावत पिछले 13 सालों से बीएसएनएल के दूरभाष केंद्र में ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्यरत है। बकौल नारायण सिंह उसेे डेढ साल से ईपीएफ का 31 हजार रुपया नहीं मिला है तथा वेतन भी देरी से मिलता है।
जबकि उसकी माली हालत काफी खराब है।
वेतन का भुगतान समय से करने तथा रुके अवशेष का भुगतान करने के साथ ही स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर वह शुक्रवार को शाम सात बजे बीएसएनल के चालीस मीटर टावर में चढ़ गया। इस दौरान वह इंकलाबी नारे लगाते हुए मांगों को लेकर चिल्लाता रहा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से उससे नीचे उतरने की अपील की। पौने घंटे के मानमनोव्वल के बाद वह स्वयं नीचे उतर गया।
इस दौरान थानाध्यक्ष राजेद्र प्रसाद सहित भारी संख्या में पुलिस कर्मी, बीएसएनएल के टीटीए तारादत्त जोशी, प्रभारी तहसीलदार दीवानसिंह बिष्ट आदि मौके पर मौजूद थे। इस दौरान लोगों का भी भारी हुजूम उमड़ पड़ा।
पुलिस संबंधित कर्मी को बाद में पकड़कर थाने ले गई। थानाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि संबंधित कर्मी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।