मासूमों के साथ हो रहे अपराधों को लेकर संगठन भी चिंतित हो गए हैं। बुधवार को शारदा पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम चलाते हुए कक्षा दो से सातवीं तक के बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में बताया गया। इस दौरान बच्चों को फिल्म भी दिखाई गई और बताया गया कि बच्चे किस पर भरोसा करें और कोई भी अनहोनी होने पर किस तरह अपना बचाव करें।
महिला कल्याण संस्था द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में गुड और बैड टच की जानकारी देते हुए महिला कल्याण संस्था की अध्यक्षा रीता दुर्गापाल ने बच्चों को बताया कि समाज में लोग चाकलेट, टाफी या अन्य किसी चीज का लालच देकर बच्चों को बहलाते हैं और गलत हरकत करते हैं। उन्होंने बच्चों को बताया कि गलत तरीके से छूने वालों को हमेशा मना करना चाहिए और माता-पिता को जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने बच्चों से घर के अलावा बाहरी व्यक्ति से किसी भी तरह की चीज नहीं लेने को कहा। घर पर अकेले होने पर बाहर के लोगों या अजनबी के लिए दरवाजा नहीं खोलने, नाम, पता नहीं बताने की सलाह दी। इस दौरान वक्ताओं ने अभिभावकों को सचेत करते हुए बताया कि विकृत मानसिकता वाले लोग अपनों के साथ ही दरिंदगी कर रहे हैं इसलिए उन्हें अपने बच्चों को घर में भी जागरूक करना होगा।
शारदा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या विनीता शेखर ने महिला कल्याण संस्था की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों के अलावा अभिभावकों को भी अपने बच्चों को सचेत करना आवश्यक है। इस अवसर पर बच्चों को फिल्म के माध्यम से भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में पुष्पा सती, शांति साह, गीता साह, आशा कर्नाटक, रीता जोशी, मधुबाला शर्मा, आशा जोशी, देवोश्री, शिल्पी पांडे, निधि जोशी, शिवानी बिष्ट, आराधना सिंह, जानकी मेहरा, रक्षिता जोशी अनीता रावत मौजूद थे।