अल्मोड़ा। नगर और आसपास के क्षेत्रों की एक लाख से अधिक आबादी को पेयजल आपूर्ति करने वाला कोसी नदी का बैराज मिट्टी और गाद से पटा पड़ा है। स्थिति यह है कि बैराज की 8.5 मीटर गहराई में से लगभग 6.5 मीटर तक मिट्टी भर चुकी है, जिससे जल भंडारण क्षमता पर गंभीर असर पड़ा है।
वर्ष 2016 में 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह बैराज अब तक एक बार भी डिसिल्टिंग से नहीं गुजरा है। हर साल बारिश में मिट्टी, पत्थर, लकड़ी और कचरा बैराज में भर जाता है, लेकिन सिंचाई विभाग के पास सफाई के लिए बजट न होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। बीते वर्ष सफाई की योजना बनी थी, पर चुनाव और जलस्तर कम होने से काम शुरू नहीं हो पाया। अब विभाग ने दीपावली के बाद मिट्टी हटाने की योजना बनाई है। इसमें करीब 10 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है। विभागीय संसाधनों से ही काम करने की तैयारी की जा रही है।
नदी का जलस्तर कम हो जाने से नहीं हो पाई सफाई
अल्मोड़ा। पहले निकाय चुनाव के कारण और बाद में नदी का जलस्तर कम हो जाने से डिसिल्टिंग नहीं हो पाई। सिंचाई विभाग ने दीपावली के बाद बैराज में मशीनें उतार मिट्टी हटाने की प्लानिंग की है। देखना है इस वर्ष बैराज की सफाई होगी या फिर किसी और बहाने से काम आगे नहीं बढ़ेगा।