रानीखेत (अल्मोड़ा)। वन प्रभाग इस साल क्षेत्र की छह वन पंचायतों में विभिन्न प्रजातियों के डेढ़ लाख से अधिक पौधों का रोपण करेगा। पर्यावरण दिवस से इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। जंगल में गिरे बेतहाशा पिरूल की सफाई का काम चल रहा है। इस कार्य में ग्रामीणों का सहयोग भी लिया जा रहा है। नव रोपित पौधों के संरक्षण के लिए भी तार बाड़ लगाई जाएगी, जबकि सिंचाई के लिए कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे।
गत दिनों पर्यावरण दिवस के मौके पर वन विभाग ने वन पंचायतों में सफाई का कार्य शुरू किया। कर्मचारियों और ग्रामीणों की मदद से पिरूल की सफाई की गई। मुख्यमंत्री चारा विकास योजना के लिए विभाग ने क्षेत्र के मोहनरी, मेहलखंड, मंगचौड़ा, ख्यूशालकोट, मलौना, पथुली सहित कुल छह वन पंचायतों को चिन्ह्ति किया है।
यहां कुल 30 हेक्टेयर भूमि में राई, दोलनी घास प्रजाति और बांज, बुरांश, क्वैराल, काफल, पदम के कुल डेढ़ लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सड़क किनारे कंट्रोल बर्निंग का कार्य भी चल रहा है। जंगल में गिरे पिरूल को एकत्रित कर उसे ग्रामीणों को निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
रानीखेत। वन विभाग के सौनी स्थित नर्सरी में चारा, घास सहित तमाम प्रजातियों के पौधों की नर्सरी तैयार हो गई है। एक जुलाई से इन पौधों का रोपण होगा। इसके अलावा क्षेत्र के महिला किसान पौधालयों से भी पौध खरीदे जाएंगे।