चौखुटिया (अल्मोड़ा)। वर्ष 2009-10 में बनी क्वेराली-मलसाखेत सड़क का आज तक पूरा डामरीकरण नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि इस बार मानसून की पहली ही बारिश में यह सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था की पोल खुल गई है। मार्ग पर जगह-जगह हुए कटाव के कारण ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क के कई हिस्से आज भी कच्चे हैं। मार्ग पर बने कलवर्ट (पुलिया) मलबे से पटे पड़े हैं जिसके कारण बारिश का पानी निकासी न होने से सड़क के ऊपर से बह रहा है। इसके चलते कई जगहों पर सड़क धंसने और कटने लगी है। यही नहीं सड़क के किनारे बनी सुरक्षा दीवारें (क्रश बैरियर/पुश्ते) भी क्षतिग्रस्त होकर गिरने लगी हैं जिससे बरसात के इस मौसम में बड़े हादसों का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि लोनिवि ने समय रहते कलवर्टों की सफाई, सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और डामरीकरण कराया होता तो पहली बारिश में सड़क की यह दुर्दशा नहीं होती। ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल सड़क सुधार, मलबे की सफाई और पूर्ण डामरीकरण की मांग की है।
क्या बोले स्थानीय लोग
- सड़क विकास की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत है लेकिन क्षेत्रवासी आज भी इस बदहाल और खतरनाक रास्ते पर सफर करने के लिए मजबूर हैं। पहली ही बारिश में सड़क का इस तरह उखड़ना विभागीय रखरखाव की वास्तविकता को उजागर करता है। - प्रताप सिंह कंडारी, स्थानीय निवासी
- वर्ष 2010 से हम लोग लगातार इस सड़क के सुधारीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन के स्तर पर अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर जल्द ही काम शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। - कैलाश चंद्र सती, स्थानीय निवासी
कोट
-क्वेराली-मलसाखेत मोटर मार्ग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को हस्तांतरित किया जा रहा है। इसकी डीपीआर फिलहाल शासन स्तर पर लंबित है। जैसे ही वहां से स्वीकृति मिलती है सड़क के नवनिर्माण और सुधारीकरण का कार्य तत्काल शुरू करा दिया जाएगा। - राजेंद्र चौधरी, सहायक अभियंता निर्माण खंड लोनिवि, रानीखेत