हवालबाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत शैल पपरसली के लोगों ने शैल समेत अन्य राजस्व गांवों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने के प्रयासों का विरोध किया है। उन्होंने सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। उन्होंने जबरन गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका अल्मोड़ा द्वारा अभी तक नगर क्षेत्र से एकत्रित कचरे का कोई ठोस प्रबंधन नहीं किया है। नगर पालिका क्षेत्र में महिलाओं के लिए पर्याप्त शौचालय नहीं हैं। कूड़े को खुले में डालने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल फटकार लगा चुकी है। नगर क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका को तहबाजारी से लाखों रुपये की आय होती है जबकि पालिका इसे हजारों में दर्शाती है। उन्होंने इसकी जांच करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिका अपने स्वार्थों के लिए गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने का प्रयास कर रही है।
गांवों के पालिका में शामिल होने से कई तरह के टैक्स देने होंगे। कई ग्रामीण मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। ऐसे में वह पालिका का टैक्स भरने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने पूर्व में भी पालिका के नोटिफिकेशन पर आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बाद भी पालिका क्षेत्र में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने गांवों को जबरन पालिका क्षेत्र में मिलाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में रवींद्र तिवारी, मंजू तिवारी, जितेंद्र तिवारी, प्रेम सिंह, कमला देवी, केशर सिंह, हेमा जोशी, गोविंदी जोशी, उमेश तिवारी, कपिल आदि शामिल हैं।