रसोई गैस की किल्लत गहराने लगी है। काकड़ीघाट और इससे लगे कंडारखुवा पट्टी में गत तो तीन माह से रसोई गैस नहीं पहुंची। लोग जंगलों से लकड़ी लाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। गैस नहीं मिलने से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रसोई गैस आपूर्ति शीघ्र न होने पर उपभोक्ताओं ने आंदोलन करने की धमकी दी है।
काकड़ीघाट और इससे लगे कंडारखुवा पट्टी के बेडग़ांव, नौगांव, ओखिना, ओलियागांव, साडका, गडस्यारी, सूरी, मटीला, डोला, सुनियाकोट, सिरोली, खानकांडा, डूंगरा, ईडा, बोहरा, वलनी, जनता आदि गांवों के उपभोक्ताओं को गत तीन माह से रसोई गैस नहीं मिली है। गैस वितरण की निर्धारित तिथि को रसोई गैस वितरण स्थल पर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइन लग जा रही है लेकिन रसोई गैस नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रसोई गैस का वाहन नहीं आने के कारण उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ता है। इस कारण उपभोक्ताओं का समय बर्बाद होने के साथ ही रसोई गैस सिलेंडर ढुलान का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है।
रसोई गैस की किल्लत के कारण उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग जंगलों से लकड़ी लाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। बेडग़ांव के सामाजिक कार्यकर्ता डूंगर सिंह बेलवाल ने रसोई गैस की आपूर्ति शीघ्र करने की मांग की है। उपभोक्ताओं ने रसोई गैस शीघ्र नहीं मिलने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इधर इण्डेन गैस सर्विस के प्रबंधक राजीव कुमार ने बताया कि क्षेत्र में एक दो दिन में रसोई गैस की आपूर्ति की जाएगी।