रोजगार की तलाश में जहां युवा महानगरों को पलायन कर रहे हैं, वहीं हवालबाग विकासखंड के दौलाघट के समीप चौना गांव निवासी 60 वर्षीय पूरन सिंह बोरा सब्जी उत्पादन कर आजीविका कमा रहे हैं। वह एक दर्जन लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। सालभर में सब्जी उत्पादन से श्री बोरा डेढ़ लाख से अधिक आय अर्जित कर रहे हैं।
पूरन सिंह बोरा देहरादून में प्राइवेट नौकरी करते थे। उनका मन नहीं लगा और वह 2002 में चौना गांव लौट आए। घर लौटकर उन्होंने सब्जी उत्पादन शुरू किया। पिछले तेरह सालों से वह सब्जी उत्पादन कर रहे हैं और अपने परिवार की आजीविका चलाने के साथ ही करीब दर्जनभर लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
वह गांव में अपनी 15 नाली भूमि में सब्जी पैदा कर रहे हैं। खेतीबाड़ी में उनकी पत्नी तुलसी देवी भी सहयोग करती हैं। इस समय चार नाली भूमि में टमाटर की खेती कर रखी है। जुलाई से अब तक वह 70 हजार रुपये मूल्य के 40 क्विंटल टमाटर की बिक्री कर चुके हैं।
वह अल्मोड़ा के अलावा कोसी, गेवापानी, दौलाघट, गोविंदपुर, बांसुलीसेरा, बग्वालीपोखर, द्वाराहाट क्षेत्र में टमाटर का विपणन करते हैं। क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में टमाटर हो रहा है जिसके चलते मैदानी क्षेत्रों से टमाटर की आपूर्ति नाममात्र की रह गई है। वह अपने खेतों में आलू, फूल गोभी, बंदगोभी, शिमला मिर्च आदि सब्जियां भी उगा रहे हैं।
पूरन बोरा बताते हैं कि सालभर में वह डेढ़ लाख की सब्जी बेच लेते हैं। इसके अलावा उन्होंने फलों में आड़ू के पेड़ भी लगाए हैं। इस कार्य में उन्हें उद्यान सचल केंद्र गोविंदपुर का भी सहयोग मिल रहा है। वह कहते हैं कि युवाओं को पलायन करने के बजाए गांव में ही कृषि कार्य कर आत्मनिर्भर बनना चाहिए।