बालिका शिक्षा के नाम पर मजाक बन चुके जीजीआईसी चौखुटिया जैसी बुरी स्थिति शायद प्रदेश के किसी और इंटर कालेज की नहीं होगा।
शिक्षिकाओं के 18 में से 15 पद रिक्त होने से महज तीन शिक्षिकाओं के सहारे चल रही सात कक्षाओं की 399 छात्राओं की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है।
तहसील मुख्यालय के एकमात्र राजकीय बालिका इंटर कालेज ने इससे पहले ऐसे खराब दिन कभी नहीं देखे थे। कालेज में कुल 18 पदों के सापेक्ष तैनात 5 शिक्षिकाओं में से एक के चिकित्सा अवकाश और दूसरे के प्रसव अवकाश पर होने से कालेज महज तीन शिक्षिकाओं के भरोसे किसी तरह चल रहा है।
कालेज में कुल सात कक्षाएं हैं इस हिसाब से क्लास टीचरों की संख्या भी पूरी न होने से प्रत्येक शिक्षिका को दो-से तीन कक्षाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है। तीन शिक्षिकाओं को शिक्षण कार्य के अलावा कार्यालय का कार्य, बोर्ड परीक्षा फार्म और छात्र वृत्ति फार्म भरने जैस कार्य भी अलग से करने हैं।
वर्तमान में अध्ययनरत 399 छात्राओं के लिए इंटर स्तर में अंग्रेजी और अर्थशास्त्र की प्रवक्ता को छोड़ बाकी के सात पद रिक्त हैं। हाईस्कूल में स्थिति और भी खराब है।
एलटी में महज एक शिक्षिका है बाकी के आठ पद रिक्त हैं। तहसील मुख्यालय का एकमात्र जीजीआईसी किसी जमाने में बालिकाओं की शिक्षा की दिशा में अग्रणीय स्थान रखता था आज इसकी दुर्दशा को देख लोगों मेंआक्रोश व्याप्त है।