बजट के अभाव में आईएसबीटी का काम लटका
16 करोड़ के सापेक्ष अब तक मिले हैं मात्र 5.78 करोड़
दो वित्तीय वर्ष बीते पर दो करोड़ अवमुक्त नहीं हुए
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। बजट के अभाव में नगर के लोअर मालरोड में सोलह करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन चल रहे अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) का काम अधर में लटक गया है, जबकि दिसंबर 2018 में आईएसबीटी का काम पूरा हो जाना चाहिए था। निर्माण एजेंसी ने 5.78 करोड़ का काम पूरा कर लिया है। पिछले दो वित्तीय वर्षों से पैसा नहीं मिलने से कार्य ठप होने के कगार पर आ गया है। ऐसी स्थिति में आईएसबीटी का काम शीघ्र पूरा होने की उम्मीद भी नहीं है।
अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी अल्मोड़ा में परिवहन निगम का डिपो नहीं बन सका है। मालरोड पर किराए के भवन में बस अड्डा चल रहा है। यहां पर बसों के खड़े रहने के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं है। जिससे अकसर जाम की स्थिति रहती है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 16 करोड़ की लागत के आईएसबीटी को स्वीकृति दी। 2016 में लोअर मालरोड में आईएसबीटी का निर्माण शुरू हुआ। दिसंबर 2018 में आईएसबीटी का काम पूरा करने का लक्ष्य था।
निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को अब तक 16 करोड़ के सापेक्ष शासन से 5.78 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। इस बजट से निर्माण एजेंसी ने रिटर्निंग वाल, आईएसबीटी के दो मंजिले भवन में लेंटर डालने समेत अन्य काम किए हैं। प्रदेश सरकार ने मार्च 2018 में आईएसबीटी के लिए दो करोड़ रुपये का प्राविधान बजट में किया था पर यह पैसा अब तक निर्माण एजेंसी को अवमुक्त नहीं हुआ है। धनराशि के अभाव में बस अड्डे का निर्माण ठप होने के कगार पर गया है।
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यह कार्य शेष हैं आईएसबीटी के
गाड़ी धुलाई प्लेटफार्म, डीजल यूनिट, बस स्टैंड, प्रतीक्षालय, शौचालय, दुकानें, स्टाफ रूम आदि।
कोट--
सरकार ने मार्च 2018 में आईएसबीटी के लिए दो करोड़ का प्राविधान किया था। अब तक पैसा नहीं मिला है। चालू माह के अंत तक शासन से बजट अवमुक्त होने की संभावना है।
पीके दीक्षित, सहायक अभियंता, उत्तराखंड परिवहन निगम।
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