अल्मोड़ा। स्वच्छता अभियान के तहत करोड़ों रुपये प्रचार-प्रसार और अन्य कार्यक्रमों में खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके लोगों में जागरूकता के अभाव के कारण सरकारी कार्यालयों की दीवारें स्वच्छता से अछूती हैं। जिला अस्पताल में पान और गुटके की पीक से दीवारें बदरंग हो गई हैं। जिम्मेदार जानकार भी ध्यान नहीं दे रहे जिससे स्वच्छता अभियान को गंदगी का पलीता लग रहा है।
जिला मुख्यालय के बीचों-बीच स्थित जिला अस्पताल की दीवारों पर पान और गुटके की पीके इस कदर दिखाई दे रही हैं कि मानो जिला अस्पताल को नए रंग से रंग दिया गया हो। अस्पताल की दीवारों पर साफ-सफाई और सफाई बनाए रखने जैसे स्लोगन लिखे हैं। बावजूद इसके इन पर पान और गुटका खाने वालों ने थूका है। अस्पताल में लगातार गंदगी का आलम देखने को मिल रहा है। जिला अस्पताल में लमगड़ा, धौलादेवी, भैंसियाछाना, ताकुला, हवालबाग समेत अन्य जगहों से रोजाना करीब 500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार और बाहरी लोग व कुछ कर्मचारी पान खाकर अस्पताल के अंदर ही थूक रहे हैं। इससे परिसर में जगह-जगह दीवारें बदरंग हो गई हैं। जिला अस्पताल में सफाई कर्मचारी भी हैं बावजूद इसके गुटका और पान खाने वालों को रोकने वाला कोई नहीं है।
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नशेड़ी और अराजक तत्व भी फैलाते हैं गंदगी
जिला अस्पताल परिसर मुख्य बाजार से सटा हुआ है। इस कारण यहां दिन भर नशेड़ियों और अराजक तत्वों की भी आवाजाही रहती है। नशेड़ी और अराजक तत्व पान, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट आदि के खाली रैपर जहां-तहां फेंक देते हैं। पान और गुटखे को पीक दान के बजाय दीवारों पर थूक देते हैं। नशेड़ी कई बार मरीजों और तीमारदारों से भी बदसलूकी करते हैं।
- रोजाना साफ-सफाई की जाती है। लोगों को समझाना आसान नहीं है। परिसर को गुटखे और पान की पीक से खराब करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों को जागरूक किया जाएगा। डॉ. एचसी गड़कोटी, पीएमएस, जिला अस्पताल अल्मोड़ा
फोटो- 17एएलएम02पी: जिला अस्पताल में गेट के पास गुटखे की पीक से बदरंग दीवार। संवाद
फोटो- 17एएलएम03पी: पान की पीक से खराब जिला अस्पताल परिसर का कोना। संवाद