सरकार से पानी के लिए गुहार लगाकर थक चुके ग्रामीणों ने अब पानी की व्यवस्था खुद कर ली है। कपकोट ब्लाक के सुुदूरवर्ती भनार ग्राम पंचायत के लिगुंणिया तोक के लोगों ने करीब साढे़ तीन हजार फीट की ऊंचाई पर खुदाई कर जल स्रोत खोज निकाला है। ग्रामीणों को तीन मीटर खुदाई के बाद जल स्रोत मिला है। इस स्थान पर जल स्रोत होने की पहचान सबसे पहले गांव के बुजुर्ग प्रेम सिंह कोरंगा ने की। दो किमी चढ़ाई में पानी ढो रहे ग्रामीणों को इससे राहत मिली है।
भनार ग्राम पंचायत को लीती रिठकुला पेयजल योजना से लाभान्वित किया गया है। लिगुंणिया तोक के 20 परिवारों को योजना के नल से महीने में एक दिन भी बमुश्किल पानी मिलता है। इसलिए ग्रामीण दो किमी तलहटी पर स्थित जुबुरा तोक से पानी लाते हैं। जिसमें उनका पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। पानी की किल्लत से ग्रामीण वर्षों से परेशान हैं।
गांव के 70 वर्षीय बुजुर्ग बकरीपालक प्रेम सिंह कोरंगा शुक्रवार को बकरियां चराने के लिए डेढ़ किमी दूर जंगल गए थे। दोपहर वह वहां एक पत्थर के ऊपर लेटे थे। उन्हें वहां जमीन के भीतर पानी छलछलाहट की आवाज सुनाई दी। इसे उन्होंने पहले हल्के में लिया। कुछ देर बाद उन्होंने पत्थर पर फिर से कान लगाया, तो वहां उन्हें वही आवाज सुनाई दी। घर पहुंचकर उन्होंने आसपास के लोगों को यह बात बताई। इस खबर को सुनते ही ग्रामीणों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
शनिवार को प्र्रेम सिंह कोरंगा के साथ प्रताप सिंह कोरंगा, लछीमा देवी, द्रोपदी देवी, कौशल्या देवी, विमला, गंगा देवी फावड़ा, बेल्चा, गेंडी, संभल लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होेंने करीब तीन मीटर की खुदाई के बाद वहां पानी निकलना शुरू हो गया। महिपाल कोरंगा ने बताया कि वहां दो इंच मोटा पानी मिल चुका है। कुछ और खुदाई करनेपर वहां पानी का बड़ा स्रोत मिल सकता है। उन्होंने विधायक ललित फर्स्वाण से विशेषज्ञों को मौके पर भेजकर योजना की कार्य योजना तैयार करने की मांग की है।
भनार के ग्रामीण इसे श्री श्री 1008 मूल नारायण देव का चमत्कार मान रहे हैं। बुजुर्ग प्र्रेम सिंह कोरंगा आदि ग्रामीणों ने कहा कि मूल नारायण भगवान ने उनके दर्द को समझा। उन पर अपनी कृपा बरसाई है। उन्होंने कहा कि जलस्रोत की पूजा, अर्चना के बाद वहां मूल नारायण देव का मंदिर बनाया जाएगा।
विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि उन्होंने पेयजल संस्थान के अधिशासी अभियंता को शीघ्र मौका मुआयना करके रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए हैं। जलस्रोत मिलना अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट मिलने पर पानी का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए योजना बनवाई जाएगी।