निकटवर्ती ऐरोली गांव के बीमार प्रधान को चिकित्सकों द्वारा सीधे मृत घोषित कर दिए जाने से परिजनों ने सुबह अस्पताल परिसर में हंगामा किया। एक कार के शीशे तोड़ दिए गए। माहौल बिगड़ता देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस बुला ली। बमुश्किल मामला शांत कराया गया।
दरअसल, सोमवार की सुबह ऐरोली के ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह बिष्ट की अचानक तबियत बिगड़ गई थी, ग्रामीणों के साथ परिजन उसे यहां राजकीय अस्पताल ले आए। बताया गया है कि चिकित्सकों ने उसे सीधे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। इसी दौरान मजखाली क्षेत्र से अपनी पत्नी को उपचार के लिए कार में अस्पताल लाए एक व्यक्ति की कार के शीशे तोड़ दिए गए। काफी संख्या में वहां पहुंचे लोगों ने हंगामा मचा दिया।
इस पर अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस काफी देर बाद लोगों को समझा पाई। अस्पताल के अधीक्षक डा. डीएस नेई ने बताया कि प्रधान को मृत अवस्था में ही यहां अस्पताल लाया गया था, अलबत्ता डाक्टरों ने उसे अच्छी तरह देखकर ही मृत घोषित किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं हुई, एक तीमारदार की कार के शीशे टूटे हैं। इधर, प्रधान के निधन पर नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, पूर्व विधायक करन माहरा, छावनी परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नेगी सहित तमाम लोगों ने दुख जताया है।