ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन नगर की स्वच्छता व्यवस्था अभी भी बदहाल बनी हुई है। रानीखेत-अल्मोड़ा मोटर मार्ग पर घिंघारीखाल पर छावनी परिषद का ट्रंचिंग ग्राउंड ही बदहाल है। यहां-वहां कूड़ा बिखरा रहता है। अल्मोड़ा की तरफ से आने वाले पर्यटकों को सबसे पहले इसी कूड़े के दर्शन होते हैं। छावनी परिषद ने अभी तक वहां इंसीनेटर की सुविधा तक मुहैया नहीं कराई है।
अल्मोड़ा की तरफ से नगर में प्रवेश करने वाले लोगों को घिंघारीखाल पर बेतरतीब ढंग से बिखरे कूड़े के दर्शन होते हैं। छावनी परिषद द्वारा यहां नगर का कूड़ा फेंका जाता है, लेकिन इसके निस्तारण के खास उपाय नहीं किए गए हैं। अप्रैल से पर्यटन सीजन शुरू हो जाता है, लेकिन इसके लिए तैयारियां पर्याप्त नहीं की गई हैं।
नगर को जोड़ने वाले मोटर मार्गों की हालत ठीक नहीं है। सार्वजनिक शौचालय बदहाल पड़े हैं। खुली नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। रानीखेत-चौबटिया पैदल मार्ग बदहाल पड़ा है। पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य भी अभी तक शुरू नहीं किया गया है। मनोरंजन के साधन भी विकसित नहीं किए जा रहे हैं।
पर्यटन सीजन के मद्देनजर नगर में साफ सफाई के लिए अभियान चलाने की सहमति सिविल एरिया की बैठक में बनी है। छावनी परिषद को भी इस क्षेत्र में तत्परता से कार्य करना चाहिए।
- मोहन नेगी, उपाध्यक्ष, छावनी परिषद।
दो साल पूर्व कूड़े के निस्तारण के लिए 30 लाख की लागत से इंसीनेटर लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि पॉलिथीन कूड़े को गलाने के लिए कंपोस्टिंग सेट लग चुका है। ट्रंचिंग ग्राउंड की सफाई के लिए निविदाएं भी लगा दी गई हैं। पार्कों का सुंदरीकरण और बाजार की नालियों को पानी से साफ करने का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा।
- पीएस फर्त्याल, स्वच्छता अधीक्षक कैंट बोर्ड रानीखेत।