बागेश्वर में रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन को चेक सौंपता सुमगढ़ आपदा पीड़ित।
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आपदा का दर्द सौंग निवासी नंद किशोर मिश्रा से बेहतर कौन जान सकता है। वर्ष 2010 के सुमगढ़ हादसे में नंद किशोर मिश्रा ने अपनी दो बेटियों व एक बेटे सहित तीन मासूमों को खो दिया था। अब केरल में आई भीषण आपदा से उनका जख्म हरा हो गया है। उन्होंने केरल आपदा पीड़ितों के लिए 5100 की राशि जुटाकर केरल भेजी है।
18 अगस्त 2010 को आई भीषण आपदा में नंद किशोर मिश्रा ने अपने तीन बच्चों को खो दिया था। सरस्वती शिशु मंदिर तप्तकुंड, सुमगढ़ में पढ़ रहे गौरव मिश्रा, उर्मिला मिश्रा तथा योगिता मिश्रा स्कूल के मलबे में जिंदा दफन हो गए थे। इस हादसे में स्कूल के कुल 18 बच्चों की मलबे के नीचे दबने से मौत हो गई थी। हाल ही में केरल में आई आपदा ने मिश्रा के जख्मों को हरा कर दिया है। केरल आपदा के बाद से नंदकिशोर का मन केरल जाकर मदद करने का था, लेकिन पारिवारिक तथा वित्तीय कारणों से वह केरल नहीं जा सके, लेकिन उन्होंने निजी प्रयासों से ही 5100 की राशि जुटाकर केरल आपदा पीड़ितों के लिए भेजी है।
उक्त राशि का चेक उन्होंने रेडक्रास सोसाइटी के चेयरमैन अशोक लोहुमी को सौंपा है। सौंग में दुकान चला रहे मिश्रा ने बताया कि वह अब प्रतिदिन 50 रुपए केरल आपदा पीड़ितों के लिए जमा करेंगे। बाद में केरल भेजकर प्रभावितों की मदद करेंगे।