बागेश्वर। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहे जिले के लिए राहत भरी खबर है। जिले के विभिन्न अस्पतालों में लंबे समय से खाली चल रहे चिकित्सकों के पदों पर मार्च में तैनाती होने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत में जिला चिकित्सालय और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 25 नए चिकित्सकों का आश्वासन दिया है। इनमें विशेष रूप से ईएनटी और महिला रोग विशेषज्ञ शामिल होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
वर्तमान में जिले में सबसे अधिक समस्या महिला रोग और ईएनटी विशेषज्ञों की कमी से हो रही है। गंभीर मरीजों को अक्सर अल्मोड़ा और हल्द्वानी रेफर करना पड़ता है। जिले के तीनों सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद खाली चल रहे हैं। पूरे जिले में हड्डी रोग विशेषज्ञ और महिला रोग विशेषज्ञ के एक-एक चिकित्सक तैनात हैं। जिले में ईएनटी विशेषज्ञ का पद लंबे समय से रिक्त है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि मार्च में होने वाली इन नियुक्तियों में विशेष रूप से स्त्री रोग विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी गई है ताकि जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके और प्रसव सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। चिकित्सकों को केवल जिला मुख्यालय ही नहीं बल्कि कपकोट,बैजनाथ और कांडा सीएचसी में भी तैनात किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे इलाज के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। संवाद
.कोट
राज्य सरकार सीमांत जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। बागेश्वर जिले में चिकित्सकों की कमी की समस्या मेरे संज्ञान में है। हमने तय किया है कि मार्च में जिले को 25 नए चिकित्सक मिल जाएंगे। इनमें ईएनटी और महिला रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पदों को प्राथमिकता से भरा जा रहा है, ताकि क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। - डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड सरकार