कुछ दिनों में लगातार हो रही बारिश के कारण गेहूं और आलू सहित अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक विभिन्न इलाकों में जाकर खेतों का जायजा लेंगे। स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिक दवाएं आदि छिड़कने के बारे में राय देंगे।
विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. जेके बिष्ट ने बताया कि अप्रैल में अधिक बारिश होना गेहूं और आलू की फसल के लिए नुकसानदायक है। बारिश के बाद हवा चलने के कारण कई इलाकों में गेहूं की फसल बैठ गई है जिससे नुकसान बढ़ने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही संस्थान के वैज्ञानिकों की टीमें विभिन्न इलाकों में जाकर फसलों का जायजा लेंगी और फिर स्थिति को देखते हुए काश्तकारों को दवा आदि छिड़कने के बारे में कुछ सुझाव दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खेतों में पानी बिल्कुल नहीं रुकने देना चाहिए। काश्तकारों को खेतों में एकत्र पानी की तुरंत निकासी की व्यवस्था करनी होगी। अन्यथा फसलों को अधिक नुकसान होगा।