अल्मोड़ा। नगर निगम परिसर में उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ की सात सूत्री मांगों के लिए चल रहा आमरण अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।
आमरण अनशन पर बैठे उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव राजपाल पवार ने कहा कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मांग करते आ रहे हैं लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन दोनों ही कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। अनशनकारियों ने कहा कि आंदोलन को तीसरा दिन हो गया है, लेकिन अब तक न तो प्रशासन का कोई अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचा और न ही शासन स्तर से कोई सकारात्मक पहल की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी सात सूत्रीय मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक वह अनशन से नही हटेंगे। इस दौरान कांग्रेस से संबद्ध नगर निगम के पार्षद भी अनशन स्थल पर पहुंचे और राजपाल पवार सहित आंदोलनरत कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को न्यायोचित बताते हुए सरकार से शीघ्र समाधान निकालने की मांग की।
सात सूत्री मांगों के लिए अनशन पर रहे पर्यावरण मित्र
बागेश्वर। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ का सात सूत्री मांगों के लिए चल रहे क्रमिक बारहवें अनशन बारहवें दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन में महामंत्री तेजपाल, ओमप्रकाश, रितिक, अभिषेक, गुड्डू बैठे। इस मौके पर पर्यावरण मित्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
बुधवार को नगरपालिका परिसर में क्रमिक अनशन शुरू कर पर्यवारण मित्रों ने कहा कि 27 दिनों से मांगों को पूरा करने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बावजूद इसके सरकार ने अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। संघ ने सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मांगों को अनसुना नहीं करने को कहा। उन्होंने ठेका प्रथा समाप्त करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, कनिष्ठ सहायक पदों पर कार्यरत पर्यावरण मित्रों की पदोन्नति करने आदि की मांग की है। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष मदन लाल, तेजपाल, संजय कुमार, बिजेंद्र कुमार, विकास कुमार, शकुंतला देवी, रेखा देवी आदि मौजूद रहे। संवाद