अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ का पद खाली होने से मानसिक स्वास्थ्य रोगियों को भारी परेशानी हो रही है। मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ता है।
जिला अस्पताल में हवालबाग, धौलादेवी, लमगड़ा, ताकुला, भैंसियाछाना समेत अन्य विकासखंडों के गांवों, कस्बों से मानसिक रोगी उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को उपचार नहीं मिल पाता है। ऐसे में उन्हें पांच किमी दूर बेस अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहां भी कई बार मरीजों की भीड़ रहती है। ऐसे में मरीजों का नंबर नहीं आ पाता है और उन्हें फिर दोबारा अस्पताल जाना पड़ता है। निजी अस्पतालों में उपचार कराने पर मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है।
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ओपीडी में पहुंचे 400 मरीज
शनिवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा कम रही। ओपीडी में 400 मरीज पहुंचे थे। अधिकांश मरीज बुखार और सर्दी जुकाम के थे। चिकित्सकों ने बताया कि गर्मी दस्तक दे रही है। इसलिए मौसम में आ रहे बदलाव से खान-पान पर ध्यान देना चाहिए।
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जिला अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ का पद रिक्त हैं। इस बारे में विभाग के माध्यम से निदेशालय को जानकारी दी गई है।
- डॉ. एचसी गड़कोटी, पीएमएस जिला अस्पताल अल्मोड़ा