रानीखेत (अल्मोड़ा)। देहोली के पास बुधवार तड़के हुए सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई है वहां लंबे समय से पैरापिट नहीं बने हैं। जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। सड़क पर तीव्र मोड़ होने के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
रात के समय और खराब मौसम में यहां वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दुर्घटनास्थल के ठीक नीचे आबादी क्षेत्र है। यदि वाहन किसी मकान पर गिर जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। बुधवार को भी कार सीधे एक मकान की छत पर जा गिरी जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी इस स्थान पर कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं लेकिन अब तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मजबूत पैरापिट, चेतावनी संकेतक और सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है। साथ ही सड़क के खतरनाक मोड़ों पर रिफ्लेक्टर लगाने की भी मांग उठाई है ताकि रात के समय वाहन चालकों को रास्ता स्पष्ट दिखाई दे सके और भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। संवाद
बदहाल सड़कें बढ़ा रहीं हादसों का खतरा
पर्वतीय इलाकों में कई सड़क मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच चुके हैं। जगह-जगह सड़कें टूट चुकी हैं जबकि अनेक खतरनाक मोड़ों पर पैरापिट और सुरक्षा दीवारें तक नहीं हैं। जर्जर सड़कें और सुरक्षा इंतजामों की कमी लगातार दुर्घटनाओं को दावत दे रही है। बरसात और रात के समय हालात और अधिक खतरनाक हो जाते हैं।
बोले लोग
देहोली सहित कई ग्रामीण मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की लगातार अनदेखी की जा रही है। जिन स्थानों पर सड़क के तीखे और खतरनाक मोड़ हैं वहां आज तक पैरापिट नहीं बनाए गए हैं। प्रशासन जल्द खतरनाक स्थलों का निरीक्षण कर पैरापिट, क्रैश बैरियर और रिफ्लेक्टर लगाए ।- महेंद्र सिंह फर्त्याल, क्षेत्र पंचायत सदस्य कालनू
रात के समय वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि कई स्थानों पर न तो रिफ्लेक्टर लगे हैं और न ही चेतावनी संकेत। प्रशासन को गंभीरता से सड़क सुरक्षा कार्य कराने चाहिए। बरसात और कोहरे के दौरान हालात और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। - लाल सिंह, ग्रामीण