मुख्य बाजार में तोड़े गए निर्माण, नालियों पर दोबारा अतिक्रमण हो गया है। एडीबी आपदा खंड को टूटे स्थल पर इंटरलॉक टाइल्स लगाने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन अब बाजार में टाइल्स लगाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है।
अतिक्रमण हटाने के लिए तीन साल पहले प्रशासन, छावनी प्रशासन ने दुकानों के आगे तमाम निर्माण, पटरियों को तुड़वा दिया था। सुधारीकरण न होने से टूटे निर्माण लोगों को चिढ़ा रहे हैं।
तीन साल पूर्व प्रशासन ने कैंट बोर्ड की मदद से दुकानों के आगे बने पक्के निर्माण, पटरियां तोड़ी। नालियां खुलवाई थी, लेकिन तब से सुधारीकरण का कार्य नहीं हो सका है। डेढ़ साल पहले सुधारीकरण कार्य यूईएपी उत्तराखंड इमरजेंसी असिस्टेंस प्रोजेक्ट के माध्यम से करवाए जाने हैं।
इसके लिए 2.85 करोड़ स्वीकृत हुए, हालांकि बाद इस इस्टीमेट को 3.20 करोड़ रुपये कर दिया गया। द्यूलीखेत, दो सड़किया के आसपास तो इंटरलॉक लगाने का कार्य प्रगति पर है, लेकिन अधिकारियों ने बाजार में काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण के चलते टाइल्स लगाने की बाजार में गुंजाइश नहीं है। सुधारीकरण न होने, नियमित सफाई के अभाव में कई स्थानों पर लोग शौचालय का पानी रात में खुली नालियों में बहा रहे हैं। जिस कारण बदबू से जीना मुहाल हो जा रहा है, हालांकि कैंट बोर्ड के अधिकारी नियमित सफाई करवाने का दावा कर रहे हैं।
आपदा खंड अल्मोड़ा के ईई एएस बिष्ट कहते हैं कि रानीखेत बाजार में इंटरलॉक टाइल्स लगाने की जिम्मेदारी एडीबी आपदा खंड के पास है, लेकिन बाजार में टाइल्स लगाने में भारी परेशानी आ रही है, कई स्थानों पर अतिक्रमण हो चुका है। जिस कारण गुंजाइश कम है, यदि काम शुरू करेंगे तो पहले कैंट की मदद से अतिक्रमण हटाना पड़ेगा।