केंद्र सरकार के निर्देश पर इंदिरा गांधी आवास योजना का नाम बदल कर प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया गया है। नए वित्तीय वर्ष में लाभार्थियों का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना के तौर पर होगा।
सीडीओ प्रकाश चंद्र ने बताया कि योजना के लाभार्थियों का चयन 30 जनवरी तक अनिवार्य रूप से किया जाना है। उन्होंने ग्राम पंचायतों से अनुमोदन कराने के बाद सूची को पांच फरवरी तक आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के नए मानकों के बारे में ग्राम विकास अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों के प्रशिक्षण में सीडीओ ने योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2011 के सामाजिक, आर्थिक आंकड़ों के सर्वे के आधार पर लाभार्थियों की सूची तैयार करनी है। इसी सूची के आधार पर प्रत्येक वर्ष के लिए सूची बनेगी और प्राथमिकता के आधार पर आवासों का आवंटन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्गों के लोगों की अलग-अलग सूची तैयार की जाएगी और ग्राम पंचायत स्तर से लोगों का नाम अनुमोदित किया जाएगा। उन्होंने 30 जनवरी तक लाभार्थियों का चयन कर पांच फरवरी तक सूचना अपलोड करने को कहा है।
सीडीओ ने मनरेगा जॉब कार्डों को आधार कार्ड नंबर से लिंक करने की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने इस काम में 31 जनवरी तक 50 फीसदी प्रगति लाने को कहा। सीडीओ ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय तक अपेक्षित प्रगति नहीं देने वाले कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।