गरुड़ (बागेश्वर)। उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति का प्रचार-प्रसार देश के बाहर तक हो रहा है। विदेशों में भी कुमाऊनी और गढ़वाली गीत-संगीत को सराहना मिल रही है। दुबई कौतिक में प्रवासियों ने भी प्रदेश के गीत-संगीत को खूब पसंद किया। मंच से प्रस्तुत की गई नंदा राजजात को लोगों की खूब सराहना मिली।
दुबई कौतिक की आयोजन कमेटी में गरुड़ के लौबांज गांव के बसंत तिवारी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विदेशों में रहकर भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने की पहल के तहत 19 नवंबर के दिन कौतिक आयोजित किया गया। पहली बार हुए कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक कलाकार ललित मोहन जोशी, दर्शन फर्स्वाण, चंद्रप्रकाश, दीक्षा ढौंडियाल ने सुरों का जादू बिखेरा। कार्यक्रम के रंग में रंगे प्रवासी भी खुद को मंच पर आने से रोक नहीं सके। वहां रहने वालों ने भी रंगारंग कार्यक्रम, पलायन संबंधी नाटक की रोचक प्रस्तुति देकर महफिल लूटी।
उन्होंने बताया कि आयोजन समिति ने देवभूमि के जरूरतमंदों के लिए गर्म कपड़े, आवश्यक सामग्री, जरूरतमंद बच्चों को शैक्षिक सामग्री का वितरण करने का निर्णय लिया है। आयोजन समिति में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले नवीन जोशी, जीवन भट्ट, पूरन नगरकोटी, गोविंद फर्त्याल, कुशाल बिष्ट, शंकर साह, भूपेंद्र होलेरिया, मुकेश थापा आदि शामिल रहे।