छावनी क्षेत्र की तमाम समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर अखिल भारतीय छावनी परिषद उपाध्यक्ष सदस्य एसोसिएशन ने रक्षा संपदा महानिदेशक से दिल्ली में मुलाकात की। कहा कि रक्षा मंत्रालय की तरफ से भूमि संबंधी स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है, जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। लीज निर्धारण और कैंट बोर्ड में कर्मचारियों के स्थानांतरण नीति बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
रक्षा संपदा महानिदेशक जोनेश्वर सिंह से मुलाकात में पदाधिकारियों ने कहा कि छावनियों में ओल्ड ग्रांट और कैंट कोर्ट लीज के लिए भी नीति बनाई जानी जरूरी है।
सीएफएसआर में व्यापक संशोधन कर कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। बी-4 भूमि को क्लास सी में परिवर्तित करने पर भी जोर दिया गया। महानिदेशक ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की तरफ से समस्याओं को देखते हुए लीज नीति और भवन निर्माण नीति में संशोधन के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। दो माह के भीतर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने वाले हैं। इस दौरान पदाधिकारियों ने 62 छावनियों के 50 सांसदों से भी मुलाकात की।
उनसे भी छावनी की समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। जिनमें केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, हिमाचल के सांसद शांता कुमार, इलाहाबाद सांसद श्यामाचरण, राकेश सिंह सहित तमाम सांसद शामिल थे। राष्ट्रीय महामंत्री रानीखेत कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने बताया कि शीघ्र ही रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के साथ भी बैठक होगी। कार्यक्रम में अध्यक्ष संजीव गुप्ता, भूपेंद्र कंडारी, लाल चंद्र महरोलिया, एम भारतीय, जगत सिंह लोहिया, वीरेंद्र सिंह पटेल सहित तमाम पदाधिकारी शामिल थे।