अल्मोड़ा। डुंगरी उडल में तेंदुए का निवाला बने ढाई साल के मासूम के शव को मंगलवार को पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना से क्षेत्र में अब भी दहशत का माहौल है। इधर तेंदुए को आदमखोर घोषित कर दिया गया है।
बता दें कि भैंसियाछाना ब्लॉक के पेटशाल उडल गांव में सोमवार की शाम ढाई वर्षीय हर्षित मेहरा पुत्र देवेेंद्र मेहरा को उसकी माता हेमा मेहरा घर के आंगन में बैठ दूध पिला रही थी। इसी तेंदुआ बच्चे को झपट कर मां की गोद से उठाकर ले गया। माता की चीख सुनकर वहां अन्य पड़ोसी और ग्रामीण भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने करीब तीन सौ मीटर दूर झाड़ियों में बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद किया।
गुस्साए ग्रामीण नेताओं के साथ बच्चे का शव लेकर सड़क पर धरने पर बैठ गए और तेंदुए को आदमखोर घोषित करने की मांग उठाते रहे। देर रात पहुंचे विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान और डीएफओ महातिम यादव का ग्रामीणों ने आधी रात तक घिराव किया। ग्रामीणों ने शीघ्र ही तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की अपील की।
रात में ही वन विभाग की ओर से पिंजरा लगा दिया गया था। इधर मंगलवार को सुबह मृतक हर्षित का पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान बंगलूरू में कार्यरत बच्चे के पिता देवेंद्र भी गांव पहुंच गए। परिजनों ने श्मसान के समीप शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक सहित ग्रामीण और अन्य लोग मौजूद रहे। घर के पास हुई घटना से ग्रामीणों में भारी रोष के साथ भय का माहौल है। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने की भी मांग उठाई है।