स्याल्दे (अल्मोड़ा)। चिंतोली-नगचूला खाल मोटर मार्ग में चिंतोली के पास हुए सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत से उनके के घरों में मातम पसरा है। दोनों गरीबी से अधिक पढ़ाई नहीं कर पाए।
दर्शन इंटर पास और कुंवर उर्फ चंदन हाईस्कूल तक ही पढ़े थे। दोनों मजदूरी कर परिजनों का हाथ बंटाते थे लेकिन हादसे ने ये भी छीन लिया।
हादसे में जान गंवाने वाला दर्शन सिंह घर का अकेला था। वह माता पिता के बुढ़ापे का सहारा था।
वह पिता के साथ ही मेहनत मजदूरी कर घर चलाने में पिता का सहयोग करता था। जब कभी काम नहीं मिलता तो वह होटल में काम कर लेता था। वह घर का बड़ा था। इसलिए उसके कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी थी। दर्शन इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा भी रहा था लेकिन काल चक्र ने पिता से बुढ़ापे का सहारा छीन लिया। भाई की मौत से छोटी बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। माता पिता भी बेटे की मौत से बेसुध हैं। दोनों रोते हुए कह रहे थे हे भगवान तूने ये क्या किया। हमसे बुढापे का सहारा छीन लिया।
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बेटे के शादी के अरमान टूटे
दर्शन सिंह अविवाहित थे। माता पिता और बहन ने उनकी शादी को लेकर बड़े सपने देखे थे। गरीबी के बावजूद वह एकमात्र बेटे की शादी धूमधाम से करना चाहते थे। दर्शन की अचानक मौत से माता पिता की दुनिया उजड़ गई और सारे अरमान टूट गए। मां रोते हुए बार-बार कलेजे के टुकड़े को पुकार रही थी। कह रही हमे इस तरह छोड़कर क्यों गया।
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कुंवर की शादी के अरमान रह गए अधूरे
कुंवर सिंह उर्फ चंदन सिंह चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। इसलिए वह परिवार के आंखों का तारा था। कुंवर की माता स्कूल में भोजन माता तो पिता मेहनत मजदूरी कर गुजर बसर करते हैं। कुंवर सिंह मेहनत मजदूरी कर माता पिता का हाथ बंटाता था। कुंवर के वडे भाई व दो बहनो की शादी हो चुकी है। माता पिता और भाई बहनों ने कुंवर की शादी को लेकर कई अरमान संजोए रखे थे लेकिन हादसे ने सुब कुछ छीन लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज गति से जा रही थी। चिंतोली-नगचूला खाल मोटर मार्ग में चिंतोली के पास तीव्र मोड पर वाहन असंतुलित होकर सड़क पर पलट गया। दर्शन और कुंवर सिंह ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दब गए।