फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Almora News: द्वाराहाट के चार लोगों के लिए आखिर साबित हुआ गोवा का सफर

विज्ञापन
विज्ञापन
द्वाराहाट/अल्मोड़ा। गोवा के नाइट क्लब में शनिवार आधी रात को लगी भीषण आग ने अल्मोड़ा के मल्ला बाड़ी गांव के एक ही परिवार की चार जिंदगियां छीन लीं। सभी मृतकों का अंतिम संस्कार सोमवार को दिल्ली में किया गया। गांव में पड़ोसियों, परिचितों और रिश्तेदारों के हिस्से में यादें और आंसू ही बचे हैं।
विज्ञापन


दिल्ली में रहकर रोजी-रोटी कमाने वाला यह परिवार छुट्टियां मनाने गोवा गया था। यह उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित हुई। इस दर्दनाक हादसे में अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विकासखंड के ग्राम पंचायत बाड़ी निवासी विनोद चंद्र कबडवाल (42), उनकी भाभी कमला कबडवाल (40) और सगी सालियों अनीता जोशी और सरोज जोशी की मौके पर मौत हो गई। विनोद की पत्नी भावना कबडवाल किसी तरह जान बचाने में सफल रही लेकिन उसने अपने ही परिवार को जलती लपटों में खो दिया।



हादसे की सूचना जैसे ही बाड़ी और बग्वालीपोखर क्षेत्र में पहुंची पूरा इलाका शोक में डूब गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाइट क्लब में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते तो शायद कई जिंदगियां बच जातीं। ग्राम प्रधान शंकर गोस्वामी, किराना व्यवसायी बचीनाथ गोस्वामी सहित कई ग्रामीणों ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन


भावना बच गई लेकिन इस मंजर को कभी न भूल पाएगी

इस हादसे ने एक ही परिवार की चार जिंदगियां छीन लीं। विनोद की भाभी कमला और उनकी दो सगी बहनें भी आग की चपेट में आ गईं। चारों महिलाओं के रिश्ते, हंसी-खुशी और सपने एक ही रात में आग की लपटों में खत्म हो गए। विनोद की पत्नी भावना ही अकेली बच पाईं जिनके सामने पल भर में उनका पूरा परिवार उजड़ गया। जिस महिला ने कुछ घंटे पहले तक अपने प्रियजनों के साथ छुट्टियों के सपने संजोए थे वह सोमवार को अपनों की अर्थियों के सामने खड़ी थी।

मेहनत से लंबी लकीर खींचने में जुटे थे विनोद



विनोद चंद्र कबडवाल मूल रूप से बाड़ी के रहने वाले थे। महज पांच साल की उम्र में वह परिवार के साथ दिल्ली चले गए थे। दिल्ली में उनका परिवार सादरपुर एन-ब्लॉक, मकान संख्या 223, गली नंबर 15, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के पास रहता था। विनोद टाटा फाइनेंस में कार्यरत थे और बड़े भाई एक होटल में नौकरी करते हैं। गांव से उनका रिश्ता कभी टूटा नहीं। वह समय-समय पर गांव आते-जाते रहते थे। इस बार वह पूरे परिवार के साथ पहली बार गोवा घूमने गए थे। परिवार के लिए यह खुशियों की यात्रा थी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें